फिर बदल गई तस्वीर तेरी, नाम तेरा बदल गया,
तेरे होटो पे जो ग़ज़ल का पैमाना था वोह भी बदल गया,
तेरा ईमान भी बदल गया, बदल गई हर चीज़ वोह, पहचान जिसकी तुजसे थी,
तेरी पहचान, तेरा खुदा, तेरा पता, तेरी मिसाल, सब बदल गया,
एक अनजान था जब तुजसे मिला पहेली बार,
आज बेजान हूँ तुजसे मिलके आखरी बार,
कितनी खूबसूरत तेरी कहानी थी, तेरे आखों मे देखि जो तस्वीर वोह सयानी थी,
खंडहर हो गई वोह तस्वीर, खाबों मे जिसकी नींव तूने बनाई थी,
तेरा जिस्म बदल गया है, तेरी रूह खो गई है,
तेरी पहचान बदल गई है।
ऐ मेरे खुदा इंसान बदल गया है, इंसानियत बदल गई है,
तेरा कलमा पढ़ते थे हम कभी, अब हमारा इमान भी बदल गया है.
marvellous piece of writing...u can mk ppl cry...
ReplyDeletedekhna badalne ke chakkar mai tum khud hi mat badal jana.......???
ReplyDeletepar kuch bhi kaho maza aa gaya ......
Bahut achche dost...aur likha karo..
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